भगवद गीता अध्याय 2 श्लोक 40 — कर्मयोग में प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता
भगवद गीता अध्याय 2 श्लोक 40 — कर्मयोग में प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता कभी-कभी जीवन में हम यह सोचकर रुक जाते हैं कि — “मेरे कर्म का क्या परिणाम होगा?” क्या यह सब प्रयास व्यर्थ जाएगा? क्या भाग्य पहले से तय है? ऐसे ही क्षणों में आत्मिक खोज के बीच, भगवान श्रीकृष्ण का यह … Read more