भगवद गीता अध्याय 2 श्लोक 18 — शरीर और आत्मा का रहस्य

भगवद गीता अध्याय 2 श्लोक 18 — जब ‘खत्म हो जाना’ सच लगता है प्रस्तावना — जब ‘खत्म हो जाना’ सच लगता है कभी-कभी जीवन हमें बिना किसी चेतावनी के एक ऐसे मोड़ पर खड़ा कर देता है, जहाँ सब कुछ अचानक रुक सा जाता है। एक फोन कॉल, एक खबर, या किसी अपने का … Read more

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भगवद गीता अध्याय 2 श्लोक 12 — आत्मा का रहस्य और मृत्यु से परे जीवन का शाश्वत सत्य

परिचय: मृत्यु से परे जो नहीं मिटता जब मैंने पहली बार भगवद गीता अध्याय 2 श्लोक 12 पढ़ा, तो लगा जैसे किसी ने मेरे भीतर की अशांति को शांत कर दिया। भविष्यवाणी नहीं, एक अनुभव — किसी करीबी के चले जाने का वह पहला क्षण हमेशा भीतर एक खड्ड छोड़ जाता है। आंखें नम होती … Read more

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